"राष्ट्रीय बाल पुरस्कारों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30.09.2018 तक बढ़ा दी गई है"

राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार

“जीवन की आकांक्षाएं बच्‍चों के भेष में आती है” - रविंद्र नाथ टैगोर
यद्यपि हमारे बच्‍चों का कल्‍याण राष्‍ट्रीय विकास के लिए अनिवार्य है, इसे अपने आपमें उद्देश्‍य के रूप में देखना चाहिए। भारत के संविधान में अधिदेश के अनुसार बच्‍चों के समग्र विकास के लिए पर्याप्‍त अवसर एवं सहायता प्रदान करना देश की जिम्‍मेदारी है। भारत सरकार बच्‍चों को राष्‍ट्र निर्माण में सबसे महत्‍वपूर्ण साझेदारों में से एक के रूप में मानती है।

राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार

National Children Award

असाधारण उपलब्‍धि के लिए राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार नवाचार, शैक्षिक उपलब्‍धि, समाज सेवा, कला एवं संस्कृति तथा खेल के क्षेत्रों में असाधारण योग्‍यता तथा उत्‍कृष्‍ट उपलब्‍धियों वाले बच्‍चों को पहचान प्रदान करने के लिए 1996 में शुरू किया गया। प्रत्‍येक पुरस्‍कार विजेता को पदक तथा नकद पुरस्‍कार दिया जाता है। वर्ष 2018 से इस पुरस्‍कार का नाम बदलकर राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार रखा गया है तथा इसमें बहादुरी के क्षेत्र में बच्‍चों की उपलब्‍धियों को भी शामिल किया गया है।

राष्‍ट्रीय बाल कल्‍याण पुरस्‍कार

National Children Welfare Awards

बाल विकास, बाल संरक्षण तथा बाल कल्‍याण के क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट योगदान देने वालों को पहचान प्रदान करने के लिए 1979 में राष्‍ट्रीय बाल कल्‍याण पुरस्‍कार शुरू किया गया। ऐसे व्‍यक्‍तियों एवं संस्‍थाओं को पहचान प्रदान करना आवश्‍यक है क्‍योंकि वे सरकार के प्रयासों को संपूरित करने में मदद करते हैं। यह पुरस्‍कार दो श्रेणियों - व्‍यक्‍तिगत एवं संस्‍थागत में दिया जाता है। नकद पुरस्‍कार के साथ प्रत्‍येक श्रेणी में तीन पुरस्‍कार दिए जाते हैं।